भारतीय फिनटेक और NBFC सेक्टर में तेजी से उभरती कंपनी इनक्रेड होल्डिंग्स लिमिटेड (InCred Holdings Limited) जल्द ही अपना IPO लॉन्च करने वाली है। यह कंपनी KKR जैसी ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म द्वारा बैक्ड है और डिजिटल लेंडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट तथा फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूत पकड़ रखती है। फरवरी 2026 में SEBI से मंजूरी मिलने के बाद यह IPO अब लॉन्च होने के करीब है। आइए विस्तार से जानते हैं इनक्रेड आईपीओ की लेटेस्ट अपडेट्स, कंपनी की बैकग्राउंड, फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और निवेशकों के लिए क्या मतलब है।
InCred Holdings कंपनी का ओवरव्यू
InCred Holdings मुंबई हेडक्वार्टर्ड एक डिजिटल-फर्स्ट फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म है। यह इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज (InCred Financial Services) की पेरेंट कंपनी है, जो एक NBFC के रूप में काम करती है। कंपनी की शुरुआत 2016 में हुई थी (शुरुआत में Multiflow Financial Services के नाम से) और बाद में इसका नाम बदलकर InCred Financial Services कर दिया गया।
कंपनी के फाउंडर भूपिंदर सिंह हैं, जो पूर्व Deutsche Bank एग्जीक्यूटिव हैं। इनक्रेड मुख्य रूप से डेटा-ड्रिवन क्रेडिट मॉडल पर आधारित लेंडिंग करती है, जिसमें शामिल हैं:
- एजुकेशन लोन्स
- SME क्रेडिट
- पर्सनल लोन्स
- गोल्ड लोन्स (हाल ही में TruCap Finance के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का अधिग्रहण)
- वेल्थ मैनेजमेंट (InCred Capital और InCred Money के जरिए)
कंपनी ने AI-बेस्ड अंडरराइटिंग, को-लेंडिंग पार्टनरशिप्स और टियर-2/3 शहरों में विस्तार किया है। 2024 में होल्डिंग स्ट्रक्चर बनाया गया, जिसमें InCred Finance, InCred Capital और InCred Money शामिल हैं। कंपनी ने Zerodha फाउंडर्स निथिन और निखिल कामथ से 250 करोड़ रुपये का निवेश भी लिया है।
कंपनी को यूनिकॉर्न स्टेटस मिल चुका है (Series D फंडिंग में $1.04 Bn वैल्यूएशन)। कुल फंडिंग अब तक USD 370 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है।
InCred Holdings IPO की मुख्य डिटेल्स (लेटेस्ट अपडेट्स फरवरी 2026)
- इश्यू साइज: अनुमानित ₹3,000 करोड़ से ₹4,000 करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में ₹3,800-4,700 करोड़ तक)। इसमें फ्रेश इश्यू ₹1,500 करोड़ (प्री-IPO प्लेसमेंट सहित) और बाकी ऑफर फॉर सेल (OFS) मौजूदा निवेशकों (KKR, Paragon Partners आदि) द्वारा।
- वैल्यूएशन: अनुमानित ₹10,000 करोड़ से ₹25,000 करोड़ तक (रिपोर्ट्स के अनुसार)।
- SEBI अप्रूवल: 5 फरवरी 2026 को SEBI ने ड्राफ्ट पेपर्स पर ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया, यानी मंजूरी मिल गई। DRHP नवंबर 2025 में कन्फिडेंशियल रूट से फाइल किया गया था।
- ओपन और क्लोज डेट: अभी घोषित नहीं। जल्द ही RHP फाइल होने के बाद डेट्स, प्राइस बैंड और लॉट साइज पता चलेगा।
- लिस्टिंग: BSE और NSE पर, अनुमानित Q1 FY26 या उसके बाद।
- लीड मैनेजर्स: Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, ICICI Securities।
- उद्देश्य: टियर-1 कैपिटल मजबूत करना, सिक्योर्ड लोन वर्टिकल्स का विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करना और डेट रिडक्शन।
- GMP : अभी लॉन्च नहीं हुआ है, इसलिए GMP शून्य है।
यह IPO भारत के बड़े NBFC IPOs जैसे HDB Financial और Tata Capital के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (हाल के वर्षों की)
इनक्रेड ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है:
- FY24: रेवेन्यू ₹1,270 करोड़, नेट प्रॉफिट ₹317 करोड़, AUM ₹8,260 करोड़, ग्रॉस NPA 1.2%, कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 28.5%।
- FY25: रेवेन्यू ₹1,872 करोड़ (47% YoY ग्रोथ), नेट प्रॉफिट ₹374 करोड़ (18% YoY ग्रोथ), AUM ₹11,600 करोड़, ग्रॉस NPA 1.3%, कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.2%।
कंपनी का AUM तेजी से बढ़ रहा है और NPA कंट्रोल में है, जो NBFC सेक्टर में मजबूत रिस्क मैनेजमेंट दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्यों आकर्षक?
- फिनटेक + NBFC का कॉम्बिनेशन, डिजिटल ग्रोथ के साथ।
- KKR, कामथ ब्रदर्स जैसे मजबूत निवेशक।
- एजुकेशन, SME और गोल्ड लोन्स में डाइवर्सिफिकेशन।
- पोस्ट-IPO कैपिटल बूस्ट से आगे तेज एक्सपैंशन संभव।
हालांकि, NBFC सेक्टर में इंटरेस्ट रेट रिस्क, रेगुलेटरी चेंजेस और कॉम्पिटिशन जैसे रिस्क भी हैं।
निष्कर्ष
InCred Holdings का IPO फिनटेक सेक्टर में बड़ा मौका है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो ग्रोथ-ओरिएंटेड NBFC में निवेश करना चाहते हैं। SEBI अप्रूवल के बाद अब ऑफिशियल डेट्स, प्राइस बैंड और RHP का इंतजार है। अपडेट्स के लिए SEBI वेबसाइट, BSE/NSE या विश्वसनीय फाइनेंशियल पोर्टल्स चेक करते रहें।
यदि आप IPO में निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपनी रिसर्च जरूर करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
वरुण सिंह IPOAlert.in के संस्थापक और मुख्य कंटेंट एडिटर हैं। वे IPO और शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी को research-based, factual और reader-friendly तरीके से प्रस्तुत करने पर फोकस करते हैं।IPOAlert.in का उद्देश्य निवेशकों को शैक्षणिक और सूचना आधारित कंटेंट उपलब्ध कराना है, जिससे वे बाजार को बेहतर तरीके से समझ सकें।