एनएसई आईपीओ पर बड़ा अपडेट: सीईओ आशीष चौहान ने बताया, शेयर BSE पर लिस्ट होंगे, 7-8 महीने में संभव लिस्टिंग!

भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े प्लेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। NSE के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है कि NSE का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा आईपीओ अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि NSE के शेयर बीएसई (Bombay Stock Exchange) पर लिस्ट होंगे, क्योंकि NSE खुद पर अपनी लिस्टिंग नहीं कर सकता।

यह खबर 31 जनवरी 2026 को आई है, जब SEBI ने NSE को आईपीओ के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया, जो करीब 10 साल के इंतजार के बाद आया है।

NSE आईपीओ का पूरा प्लान क्या है?

आशीष चौहान ने बताया कि:

  • यह आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में होगा, यानी कंपनी नया शेयर जारी नहीं करेगी। मौजूदा शेयरधारक (करीब 1.91 लाख शेयरधारक) अपने 4-4.5% शेयर बेचेंगे।
  • ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने में 3-4 महीने लगेंगे।
  • उसके बाद रेगुलेटरी अप्रूवल में और 2-3 महीने लग सकते हैं।
  • कुल मिलाकर, पूरी प्रक्रिया में 7-8 महीने लगेंगे, यानी 2026 के अंत तक लिस्टिंग संभव है।

उन्होंने कहा, “NSE पर लिस्टिंग तो कर नहीं सकते, इसलिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टिंग करेंगे।” साथ ही, अन्य एक्सचेंजों पर भी लिस्टिंग की योजना है।

क्यों इतना इंतजार हुआ?

NSE ने 2016 में ही आईपीओ के लिए DRHP फाइल किया था, लेकिन कॉर्पोरेट गवर्नेंस, को-लोकेशन स्कैंडल, डार्क फाइबर जैसे मुद्दों और कानूनी विवादों के कारण प्रक्रिया रुकी रही। NSE ने हाल में SEBI को ₹1,388 करोड़ का सेटलमेंट ऑफर देकर कई मुद्दे सुलझाए, जिसके बाद NOC मिला। आशीष चौहान (जिन्होंने पहले BSE को लिस्ट कराया था) के प्रयासों से यह प्रक्रिया फिर शुरू हुई।

बाजार पर क्या असर होगा?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जो इक्विटी और डेरिवेटिव्स में 90%+ मार्केट शेयर रखता है। इसका आईपीओ भारतीय बाजार का अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, और लिस्टिंग के बाद वैल्यूएशन में बड़ा उछाल आ सकता है।

आशीष चौहान ने बजट पर भी बात की और कहा कि STT (सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स) और अन्य टैक्स में राहत मिलनी चाहिए, जिससे बाजार और मजबूत होगा।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

  • अगर आप NSE के अनलिस्टेड शेयर रखते हैं, तो यह अच्छा मौका हो सकता है।
  • आईपीओ आने पर रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा अवसर होगा।
  • बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NSE की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति (उच्च प्रॉफिट, डोमिनेंट पोजीशन) से यह आईपीओ ओवरसब्सक्राइब होगा।

NSE का यह आईपीओ भारतीय कैपिटल मार्केट के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अपडेट्स के लिए बने रहें!

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FAQs

Q: NSE का IPO कब आएगा?

A: NSE के CEO आशीष चौहान के अनुसार, SEBI से NOC मिलने के बाद 7-8 महीने में लिस्टिंग संभव है। यानी 2026 के अंत तक (संभावित रूप से दिवाली के आसपास) IPO आ सकता है।

Q: NSE IPO किस प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा?

A: NSE खुद पर लिस्ट नहीं हो सकता, इसलिए शेयर BSE (Bombay Stock Exchange) पर लिस्ट होंगे। अन्य एक्सचेंजों पर भी लिस्टिंग की योजना है।

Q: NSE IPO का फॉर्मेट क्या होगा?

A: यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा। कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी; मौजूदा 1.91 लाख शेयरधारकों से 4-4.5% शेयर बेचे जाएंगे।

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