CMPDI IPO: मार्च 2026 तक आ सकता है, कोल इंडिया BCCL में बची 15% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में

CMPDI IPO: हाल ही में कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के आईपीओ ने बाजार में धूम मचा दी है। BCCL के शेयर लिस्टिंग पर 97% तक प्रीमियम के साथ खुले और निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिए। इस सफलता से उत्साहित होकर कोल इंडिया अब अपनी दूसरी महत्वपूर्ण सब्सिडियरी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) के आईपीओ की ओर तेजी से बढ़ रही है।

CMPDI क्या है और क्यों है खास?

CMPDI कोल इंडिया की एक प्रमुख सहायक कंपनी है, जो रांची में हेडक्वार्टर्ड है। यह कंपनी कोयला खनन से जुड़े कंसल्टेंसी, माइन प्लानिंग, डिजाइन, मिनरल एक्सप्लोरेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और रिसर्च सर्विसेज प्रदान करती है। कोल इंडिया के पूरे ऑपरेशंस में CMPDI की भूमिका बहुत अहम है, क्योंकि यह तकनीकी सपोर्ट और प्लानिंग के बिना बड़े स्केल पर कोयला उत्पादन मुश्किल हो जाता।

कंपनी की वैल्यूएशन की बात करें तो एक्सपर्ट्स इसे करीब 15,000 करोड़ रुपये के आसपास आंक रहे हैं। यानी अगर 10-15% हिस्सेदारी बेची गई तो कोल इंडिया को अच्छा-खासा फंड मिल सकता है, जो आगे की ग्रोथ, डाइवर्सिफिकेशन और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में काम आएगा।

CMPDI IPO कब और कितना बड़ा हो सकता है?

  • संभावित समय: फरवरी 2026 में निवेशक रोडशो शुरू होने की उम्मीद है, और मार्च 2026 तक आईपीओ लॉन्च हो सकता है।
  • हिस्सेदारी बिक्री: कोल इंडिया 10-15% स्टेक डाइल्यूशन की प्लानिंग कर रही है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी प्रोसीड्स सीधे कोल इंडिया को मिलेंगे।
  • DRHP स्टेटस: कंपनी ने पहले ही SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है, इसलिए प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है।

BCCL में 15% हिस्सेदारी बेचने का प्लान

BCCL के सफल आईपीओ के बाद कोल इंडिया ने घोषणा की है कि वह अगले 6 महीनों के अंदर BCCL में बची हुई 15% हिस्सेदारी भी बेच देगी। पहले ही 10% हिस्सेदारी BCCL के आईपीओ के जरिए बेची जा चुकी है। इस बिक्री से कोल इंडिया को अतिरिक्त फंड मिलेगा, जो कंपनी की 2030 तक उत्पादन बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना में मदद करेगा।

कोल इंडिया की रणनीति साफ है – अपनी सभी प्रमुख सब्सिडियरीज को 2030 तक लिस्ट करना, ताकि अलग-अलग बिजनेस की वैल्यू बाजार में सही से दिखे। BCCL और CMPDI के बाद महानदी कोलफील्ड्स (MCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL) जैसे बड़े प्रोडक्शन आर्म्स के आईपीओ भी 2026-27 में आ सकते हैं।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

BCCL के आईपीओ ने दिखा दिया कि कोल इंडिया की सब्सिडियरीज में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी है। CMPDI जैसे यूनिक बिजनेस मॉडल वाली कंपनी (कंसल्टेंसी और टेक्निकल सर्विसेज) भी अच्छा परफॉर्म कर सकती है। हालांकि, फाइनल प्राइस बैंड, इश्यू साइज और सब्सक्रिप्शन डिटेल्स SEBI अप्रूवल के बाद ही क्लियर होंगे।

अगर आप कोयला सेक्टर, PSU स्टॉक्स या नए आईपीओ में इंटरेस्ट रखते हैं, तो CMPDI को अपनी वॉचलिस्ट में जरूर जोड़ लें। यह न सिर्फ कोल इंडिया के लिए वैल्यू अनलॉक करेगा, बल्कि निवेशकों को भी एक मजबूत ऑप्शन दे सकता है।

अपडेट्स के लिए SEBI वेबसाइट, कोल इंडिया की ऑफिशियल घोषणाएं या फाइनेंशियल न्यूज चैनल्स पर नजर रखें। बाजार में क्या होता है, ये देखना दिलचस्प होगा! क्या आप CMPDI IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं? कमेंट में बताएं।

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FAQs

Q: CMPDI IPO कब आने वाला है?

A: CMPDI का IPO मार्च 2026 तक लॉन्च होने की संभावना है। फरवरी में निवेशक रोडशो शुरू हो सकते हैं, लेकिन फाइनल डेट SEBI अप्रूवल और मार्केट कंडीशन पर निर्भर करेगी।

Q: CMPDI IPO में कितनी हिस्सेदारी बिकेगी?

A: यह 100% ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। कोल इंडिया CMPDI में 10-15% हिस्सेदारी (लगभग 7.14 करोड़ शेयर) बेचेगी। कंपनी को नए फंड नहीं मिलेंगे, सारा पैसा कोल इंडिया को जाएगा।

Q: CMPDI की वैल्यूएशन कितनी है और यह क्यों खास है?

A: एक्सपर्ट्स CMPDI की वैल्यूएशन करीब 15,000 करोड़ रुपये बताते हैं। यह कोल इंडिया की टेक्निकल और कंसल्टेंसी आर्म है, जो माइन प्लानिंग, एक्सप्लोरेशन और रिसर्च में मदद करती है। BCCL के सफल IPO के बाद इसमें भी अच्छी डिमांड की उम्मीद है।

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