देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) का आईपीओ सितंबर 2026 तक या उससे पहले बाजार में लाया जाएगा। यह खबर निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक है, क्योंकि एसबीआई म्यूचुअल फंड भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है और इसका आईपीओ 2026 का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित लिस्टिंग बन सकता है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड आईपीओ: मुख्य अपडेट्स
सीएस सेट्टी ने हाल के Q3 FY26 रिजल्ट्स के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, शेयरधारकों और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBIFML) के बोर्ड ने 12 महीने की समयसीमा को मंजूरी दी है, जो सितंबर 2026 तक है। उन्होंने कहा, “हम सही ट्रैक पर हैं और बाजार में पहुंचने के लिए तैयार हैं।” यह आईपीओ पहले से ही लंबे समय से इंतजार में था, और अब इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फ्रांसीसी कंपनी अमुंडी (Amundi) का जॉइंट वेंचर है। SBI की इसमें करीब 61.86% हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी की 36.33% है। बाकी छोटी हिस्सेदारी अन्य के पास है। आईपीओ में प्रमोटर्स द्वारा कुल 10% स्टेक की बिक्री (OFS) की संभावना है, जिसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं होगा।
आईपीओ का अनुमानित साइज और वैल्यूएशन
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आईपीओ $1.2 से $1.4 बिलियन (करीब ₹10,000 से ₹12,500 करोड़) का हो सकता है। कंपनी की वैल्यूएशन $12 से $14 बिलियन (लगभग ₹1 से 1.2 लाख करोड़) के आसपास अनुमानित है। कंपनी ने पहले ही 9 प्रमुख निवेश बैंकों को नियुक्त कर लिया है, जैसे कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, BofA सिक्योरिटीज आदि। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइलिंग की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड की मजबूत स्थिति
एसबीआई म्यूचुअल फंड भारत की नंबर 1 म्यूचुअल फंड कंपनी है। दिसंबर 2025 तक इसकी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹12.5 लाख करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है, जो इंडस्ट्री में सबसे ऊपर है। हाल के वर्षों में AUM में तेजी से बढ़ोतरी हुई है – 2021 में यह करीब ₹12.7 लाख करोड़ थी, जो 2025 तक दोगुनी से ज्यादा हो गई। कंपनी के पास 80+ स्कीम्स हैं, जिसमें इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, इंडेक्स फंड्स और ELSS जैसी लोकप्रिय कैटेगरी शामिल हैं।
हाल ही में Q3 FY26 में SBI को एसबीआई म्यूचुअल फंड से ₹2,200 करोड़ का स्पेशल डिविडेंड मिला, जिसने बैंक के मुनाफे को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाया (स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹21,028 करोड़)। यह डिविडेंड आईपीओ की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
क्यों है यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षक?
- ब्रांड वैल्यू: SBI का मजबूत ब्रांड ट्रस्ट और रिटेल पहुंच।
- ग्रोथ पोटेंशियल: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में तेज बढ़ोतरी, खासकर इक्विटी और SIP फ्लो से।
- मार्केट लीडर: सबसे बड़ा AUM वाला AMC होने से स्थिरता और स्केल।
- इंडस्ट्री ट्रेंड: लोग अब डिपॉजिट्स की बजाय पेंशन फंड्स, इक्विटी और म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगा रहे हैं।
हालांकि, आईपीओ की अंतिम तारीख, प्राइस बैंड और अन्य डिटेल्स SEBI की मंजूरी और मार्केट कंडीशंस पर निर्भर करेंगी। निवेशकों को सलाह है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
यह मेगा आईपीओ 2026 में भारतीय शेयर बाजार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर आप निवेश के मौके तलाश रहे हैं, तो यह एक बड़ा अवसर हो सकता है! अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक SBI MF वेबसाइट या SEBI अपडेट्स चेक करें।
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वरुण सिंह IPOAlert.in के संस्थापक और मुख्य कंटेंट एडिटर हैं। वे IPO और शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी को research-based, factual और reader-friendly तरीके से प्रस्तुत करने पर फोकस करते हैं।IPOAlert.in का उद्देश्य निवेशकों को शैक्षणिक और सूचना आधारित कंटेंट उपलब्ध कराना है, जिससे वे बाजार को बेहतर तरीके से समझ सकें।