PhonePe को SEBI से मिली मंजूरी: भारत का दूसरा सबसे बड़ा फिनटेक IPO तैयार

भारत के डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर में PhonePe ने एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। Walmart द्वारा समर्थित यह फिनटेक कंपनी अब भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने की ओर तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने PhonePe के IPO को मंजूरी दे दी है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा “न्यू इकोनॉमी” या फिनटेक IPO होगा, जो Paytm के 2021 के लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है।

PhonePe का बाजार में दबदबा

PhonePe भारत में UPI (Unified Payments Interface) का सबसे बड़ा प्लेयर है। कंपनी के पास UPI मार्केट में लगभग 45% शेयर है, जबकि Google Pay के पास करीब 35% है। UPI भारत के डिजिटल पेमेंट्स का 85% से ज्यादा हिस्सा संभालता है। PhonePe हर महीने करीब 10 अरब ट्रांजेक्शन प्रोसेस करती है, जिनकी वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होती है। कंपनी के पास 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, जो इसे भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में शुमार करता है।

यह दबदबा कंपनी को भविष्य में और मजबूत बनाता है, क्योंकि UPI ट्रांजेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। PhonePe ने पेमेंट्स के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया है, जैसे स्टॉक ट्रेडिंग ऐप ‘Share.market’, लेंडिंग प्लेटफॉर्म, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज। हालांकि, अभी भी कुल रेवेन्यू का 90% से ज्यादा हिस्सा पेमेंट्स से आता है।

IPO की मुख्य डिटेल्स

PhonePe का IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) के जरिए होगा, यानी कंपनी खुद कोई नया कैपिटल नहीं उठाएगी। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसमें प्रमुख शेयरधारक जैसे Walmart (70% से ज्यादा ओनरशिप), Tiger Global, Microsoft, General Atlantic, Ribbit Capital आदि शामिल हैं। IPO से करीब 10% स्टेक डाइल्यूशन होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, IPO से लगभग 12,000 करोड़ रुपये (करीब $1.5 बिलियन) जुटाए जा सकते हैं। कंपनी की वैल्यूएशन $15 बिलियन (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के आसपास लक्षित है। लिस्टिंग मिड-2026 या अप्रैल 2026 तक संभव है। SEBI ने जनवरी 2026 में अप्रूवल दिया, और कंपनी ने अपडेटेड Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ग्रोथ और चुनौतियां

PhonePe की फाइनेंशियल ग्रोथ प्रभावशाली रही है:

  • FY24 (मार्च 2024 तक) में रेवेन्यू 5,064 करोड़ रुपये था, जो 74% YoY ग्रोथ दिखाता है।
  • FY25 में रेवेन्यू 40% बढ़कर 7,115 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट लॉस 13% कम होकर 1,727 करोड़ रुपये रहा।
  • H1 FY26 (अप्रैल-सितंबर 2025) में रेवेन्यू 22% बढ़कर 3,918 करोड़ रुपये हुआ, लेकिन लॉस बढ़कर 1,444 करोड़ रुपये हो गया, क्योंकि खर्चे बढ़े हैं।

कंपनी अब हाई-मार्जिन सर्विसेज जैसे इंश्योरेंस, वेल्थ मैनेजमेंट और लेंडिंग पर फोकस कर रही है, ताकि प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो। पेमेंट्स बिजनेस अब भी मुख्य है, लेकिन डाइवर्सिफिकेशन से यूनिट इकोनॉमिक्स सुधारने की कोशिश है।

रिस्क फैक्टर्स जो निवेशकों को जानना चाहिए

  • NPCI का प्रस्तावित 30% UPI वॉल्यूम कैप (दिसंबर 2026 तक डेफर्ड), जो नए यूजर्स पर असर डाल सकता है।
  • स्पॉन्सर बैंक्स (Yes Bank, Axis Bank, ICICI Bank) पर निर्भरता।
  • लगातार लॉस और रेगुलेटरी बदलाव।
  • पेमेंट्स से रेवेन्यू डिपेंडेंसी ज्यादा, जबकि नए वर्टिकल्स को स्केल करने में समय लगेगा।

PhonePe का इन-हाउस टेक्नोलॉजी स्टैक मजबूत है, जो इसे कॉम्पिटिटर्स से अलग करता है। यह IPO भारतीय फिनटेक सेक्टर के लिए बड़ा सिग्नल है, जहां UPI क्रांति ने लाखों यूजर्स को डिजिटल इकोनॉमी से जोड़ा है।

अगर आप फिनटेक IPO में इंटरेस्टेड हैं, तो PhonePe की लिस्टिंग को करीब से फॉलो करें। यह भारत की डिजिटल पेमेंट्स की कहानी को और मजबूत बनाएगा!

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