NSE IPO Update 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का लंबे इंतजार खत्म! SEBI से मिली अहम मंजूरी, IPO अब ट्रैक पर

भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO की राह में एक बड़ा रोड़ा दूर हो गया है। 30 जनवरी 2026 को मार्केट रेगुलेटर SEBI ने NSE को No Objection Certificate (NOC) जारी कर दिया है। यह मंजूरी NSE को अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने और IPO फाइल करने की अनुमति देती है। NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेटी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह NSE के विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए नई वैल्यू क्रिएशन की शुरुआत करेगा।

NSE IPO की लंबी कहानी: 2016 से चला इंतजार

NSE ने अपना IPO पहली बार 2016 में फाइल किया था, लेकिन रेगुलेटरी और कानूनी मुद्दों के कारण इसे वापस लेना पड़ा। मुख्य वजह थी को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े पुराने केस, जिसमें SEBI ने कुछ ब्रोकर्स पर NSE के ट्रेडिंग सिस्टम में अनुचित फायदा उठाने का आरोप लगाया था। इन मामलों में लंबी कानूनी लड़ाई चली – NSE ने SAT (सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल) में जीत हासिल की और सुप्रीम कोर्ट में भी SEBI को राहत नहीं मिली।

लेकिन शेयरहोल्डर्स के हित में NSE ने 2025 में सेटलमेंट का रास्ता चुना। NSE ने जून 2025 में SEBI के पास सेटलमेंट एप्लीकेशन दाखिल की, जिसमें करीब ₹1,400 करोड़ (लगभग ₹1,388-1,400 करोड़) का प्रस्ताव रखा गया। इसमें पहले से जमा ₹100 करोड़ (2023 के SAT ऑर्डर के तहत) और नवंबर 2025 की फाइनेंशियल्स में प्रोविजन किए गए ₹1,297 करोड़ शामिल हैं। बाकी राशि में 12% ब्याज जुड़ सकता है, क्योंकि सेटलमेंट की प्रक्रिया चल रही है।

SEBI ने इस सेटलमेंट को इन-प्रिंसिपल मंजूरी दी, जिसके बाद NOC जारी हो गया। सेटलमेंट अब High Powered Advisory Committee (HPAC) और SEBI के व्होल-टाइम मेंबर्स की फाइनल अप्रूवल के बाद पूरा होगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस को भी वापस लिया जा सकेगा।

IPO की संरचना और टाइमलाइन क्या होगी?

  • IPO का प्रकार: यह Offer for Sale (OFS) होगा, यानी NSE को कोई नया फंड नहीं मिलेगा। मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपने शेयर बेचेंगे।
  • मार्केट कैप: लिस्टिंग पर NSE की वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ होने का अनुमान है।
  • लॉन्च टाइमलाइन: NOC मिलने के बाद NSE अब मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म्स से जुड़ेगा। DRHP तैयार करने में 3-4 महीने लग सकते हैं। कुल मिलाकर IPO लॉन्च में 8-9 महीने लगेंगे, यानी सितंबर-अक्टूबर 2026 तक लिस्टिंग संभव है।
  • पब्लिक फ्लोट: बहुत बड़ी कंपनियों के लिए SEBI ने रिलैक्सेशन दिया है, जिससे NSE जैसे ₹5 लाख करोड़+ वैल्यू वाली कंपनी को सिर्फ 2.5% शेयर पब्लिक में बेचने होंगे।

NSE की मजबूत स्थिति और मार्केट में रोल

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जहां ट्रेडिंग वॉल्यूम और टेक्नोलॉजी में यह हमेशा आगे रहा है। दुनिया के टॉप एक्सचेंजों में शुमार NSE की मजबूत फाइनेंशियल्स और ग्रोथ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। यह IPO भारतीय कैपिटल मार्केट के लिए ऐतिहासिक होगा, जो LIC और Hyundai जैसे बड़े IPO से भी बड़ा हो सकता है।

यह मंजूरी न सिर्फ NSE के लिए राहत है, बल्कि पूरे मार्केट इकोसिस्टम के लिए पॉजिटिव सिग्नल है। अब सभी की नजरें DRHP फाइलिंग और फाइनल लिस्टिंग पर टिकी हैं।

अगर आप शेयर मार्केट या IPO से जुड़े अपडेट्स फॉलो करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। NSE का IPO भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक बनेगा!

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FAQs

Q: NSE का IPO कब लॉन्च होगा?

A: SEBI ने 30 जनवरी 2026 को NOC दे दिया है। अब DRHP तैयार होगा, कुल 8-9 महीने लगेंगे। यानी सितंबर-अक्टूबर 2026 तक लिस्टिंग संभव!

Q: NSE IPO कितना बड़ा होगा और वैल्यूएशन क्या है?

A: अनुमानित मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा! यह Offer for Sale (OFS) होगा, यानी मौजूदा शेयरहोल्डर्स बेचेंगे, NSE को नया पैसा नहीं मिलेगा। भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है!

Q: NSE IPO में कितना पब्लिक शेयर बिकेगा?

A: SEBI ने बड़ी कंपनियों के लिए रिलैक्सेशन दिया है। ₹5 लाख करोड़+ वैल्यू वाली कंपनी को सिर्फ 2.5% पब्लिक फ्लोट रखना होगा। आसान और बड़ा मौका निवेशकों के लिए!

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