NSE मेगा IPO: 20 से ज्यादा इन्वेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया, DRHP जल्द फाइल होगा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपनी मेगा IPO के लिए बड़ा कदम उठाया है। 12 मार्च 2026 को खबर आई कि NSE ने करीब 20 निवेश बैंकों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है। यह भारत के इतिहास में किसी मुख्य IPO के लिए सबसे ज्यादा बुक रनिंग लीड मैनेजर्स वाली लिस्ट बन सकती है।

भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, जो डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में दुनिया का नंबर 1 और इक्विटी में तीसरा सबसे बड़ा है, लंबे समय से अपनी लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है। यह प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है और निवेशकों के लिए यह एक ऐतिहासिक मौका साबित हो सकता है।

NSE IPO की तैयारी में क्या हुआ?

फरवरी के अंत में NSE ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया था, जिसमें कई निवेश बैंकों और लॉ फर्म्स से पिच मांगी गई थी। अब NSE के IPO कमिटी ने पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से चयन पूरा कर लिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सब NSE की IPO कमिटी द्वारा अप्रूव्ड फ्रेमवर्क के तहत हुआ।

इस प्रक्रिया में करीब 20-25 ग्लोबल और डोमेस्टिक बैंक ने हिस्सा लिया, और अंत में 20 निवेश बैंकों को चुना गया। साथ ही 8 लॉ फर्म्स भी फाइनल कर ली गई हैं। इतनी बड़ी संख्या में मर्चेंट बैंकर चुनना किसी भी भारतीय कंपनी के IPO में पहली बार देखा जा रहा है। पहले ICICI Prudential के किसी इश्यू में 18 बैंकों की लिस्ट थी, लेकिन NSE ने उसे पीछे छोड़ दिया।

शॉर्टलिस्ट हुए प्रमुख निवेश बैंक कौन-कौन से हैं?

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें शामिल हैं:

  • Kotak Mahindra Capital
  • JM Financial
  • Axis Capital
  • ICICI Securities
  • SBI Capital Markets
  • Motilal Oswal Investment Advisors
  • IIFL Capital Services
  • Nuvama Wealth Management
  • Avendus Capital
  • HDFC Bank
  • Morgan Stanley
  • Citigroup (Citi)
  • J.P. Morgan
  • HSBC Securities
  • IDBI Capital Markets
  • 360 ONE WAM
  • Anand Rathi Advisors
  • DAM Capital Advisors
  • Pantomath Capital Advisors
  • Equirus Capital

ये बैंक मिलकर NSE के IPO को मैनेज करेंगे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह पूरी लिस्ट अब फाइनल हो चुकी है।

लॉ फर्म्स और अन्य डिटेल्स

NSE ने 8 प्रमुख लॉ फर्म्स भी चुनी हैं, जिनमें AZB & Partners, S&R Associates, Shardul Amarchand Mangaldas & Co, Trilegal जैसी टॉप नाम शामिल हैं। Rothschild & Co पहले से ही इंडिपेंडेंट एडवाइजर के तौर पर काम कर रहा है।

IPO का साइज और टाइमलाइन क्या है?

सूत्रों के अनुसार, NSE का IPO करीब 23,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। यह एक ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी मौजूदा शेयरधारक जैसे LIC, Temasek, SBI आदि अपने शेयर बेचेंगे।

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइलिंग मई 2026 के अंत या जून की शुरुआत तक SEBI के पास होने की उम्मीद है। लिस्टिंग की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है, जो NSE के 34 साल पुराने सफर को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

NSE भारत की कैपिटल मार्केट की रीढ़ है। इसकी लिस्टिंग से बाजार में नई ऊर्जा आएगी। बड़े निवेशक और रिटेल निवेशक दोनों के लिए यह एक बड़ा इवेंट होगा। वैल्यूएशन को लेकर अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया, लेकिन यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक बनने वाला है।

यह खबर भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद पॉजिटिव है। NSE की लिस्टिंग से ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और मार्केट में और ज्यादा भागीदारी आएगी। क्या आप भी NSE IPO का इंतजार कर रहे हैं? कमेंट में बताएं!

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