भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) IPO: पूरी जानकारी, तारीखें, प्राइस बैंड और निवेश के अवसर

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी, 2026 का पहला मुख्य बोर्ड IPO लेकर आ रही है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, जिसमें कोल इंडिया 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी। कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी, लेकिन लिस्टिंग से शेयरधारकों को बाजार में तरलता और पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। BCCL भारत की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है, जो स्टील उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

BCCL IPO की मुख्य तारीखें

  • एंकर निवेशक बोली तारीख: 8 जनवरी 2026
  • IPO ओपन डेट: 9 जनवरी 2026
  • IPO क्लोज डेट: 13 जनवरी 2026
  • अलॉटमेंट फाइनलाइजेशन: 14 जनवरी 2026
  • रिफंड और डीमैट क्रेडिट: 15 जनवरी 2026
  • लिस्टिंग डेट: 16 जनवरी 2026 (BSE और NSE पर)

यह IPO स्टील सेक्टर और PSU निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है, क्योंकि भारत में कोकिंग कोल की मांग तेजी से बढ़ रही है।

प्राइस बैंड, लॉट साइज और इश्यू साइज

  • प्राइस बैंड: ₹21 से ₹23 प्रति शेयर
  • मिनिमम लॉट साइज: 600 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन राशि ₹13,800 अपर बैंड पर)
  • इश्यू साइज: लगभग ₹1,071 करोड़ (अपर प्राइस बैंड पर)
  • रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट तक आवेदन कर सकते हैं।
  • HNI निवेशकों के लिए अलग-अलग कैटेगरी में न्यूनतम लॉट नियम लागू।

निवेशक कैटेगरी में रिजर्वेशन

  • QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स): 50%
  • NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक): 15%
  • रिटेल निवेशक: 35%
  • कोल इंडिया के मौजूदा शेयरधारकों के लिए विशेष शेयरधारक कोटा उपलब्ध हो सकता है (रेकॉर्ड डेट: 2 जनवरी 2026)।

BCCL कंपनी के बारे में

BCCL की स्थापना 1972 में हुई थी और यह मिनी रत्न (कैटेगरी-1) PSU है। कंपनी मुख्य रूप से झारखंड के झारिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड्स में ऑपरेशंस चलाती है। FY25 में कंपनी ने भारत की कुल घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन का 58.5% हिस्सा उत्पादित किया, जो स्टील और पावर सेक्टर के लिए जरूरी है।

कंपनी के पास 32 से अधिक माइन्स हैं, जिसमें ओपनकास्ट, अंडरग्राउंड और मिक्स्ड माइन्स शामिल हैं। FY25 में कोल प्रोडक्शन 40.50 मिलियन टन तक पहुंच गया। BCCL कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और वॉश्ड कोल का उत्पादन करती है।

BCCL के फाइनेंशियल हाइलाइट्स (₹ करोड़ में)

  • FY23: राजस्व ₹13,019, PAT ₹665
  • FY24: राजस्व ₹14,653, PAT ₹1,564
  • FY25: राजस्व ₹14,402, PAT ₹1,240
  • H1 FY26: राजस्व ₹6,312, PAT ₹124

कंपनी की RoNW 20.83% और RoCE 30.13% रही है, जो सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन दर्शाती है। हालांकि, कोल प्राइस में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी रिस्क मौजूद हैं।

BCCL IPO के फायदे और मजबूत पक्ष

  • भारत में स्टील प्रोडक्शन बढ़ने से कोकिंग कोल की डिमांड मजबूत।
  • सरकारी कंपनी होने से स्थिरता और डिविडेंड पोटेंशियल।
  • कोल इंडिया की सब्सिडियरी के रूप में मजबूत बैकिंग।
  • लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए PSU IPO में अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड।

रिस्क फैक्टर्स

  • पूरी तरह OFS होने से कंपनी को फंड नहीं मिलेगा।
  • कोल प्राइस और इंपोर्ट पर निर्भरता।
  • पर्यावरण और रेगुलेटरी चुनौतियां।

कैसे आवेदन करें?

ASBA के जरिए बैंक या UPI से ऑनलाइन आवेदन करें। लीड मैनेजर: IDBI कैपिटल और ICICI सिक्योरिटीज। रजिस्ट्रार: Kfin टेक्नोलॉजीज।

BCCL IPO 2026 के IPO कैलेंडर की शानदार शुरुआत है। अगर आप PSU और एनर्जी सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, तो यह अवसर मिस न करें। निवेश से पहले RHP पढ़ें और अपनी रिस्क क्षमता देखें।

नोट: ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में उतार-चढ़ाव होता है, यह केवल अनुमान है। निवेश सलाह नहीं है।

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