Pernod Ricard IPO 2026: पर्नोड रिकार्ड ने भारत IPO रद्द किया, H2 में मजबूत विकास की उम्मीद, प्रीमियमाइजेशन से फायदा

फ्रेंच स्पिरिट्स की दिग्गज कंपनी Pernod Ricard ने हाल ही में अपनी वित्तीय अपडेट में भारत बाजार से जुड़ी सकारात्मक खबरें साझा की हैं। कंपनी ने कहा है कि भारत में उसका व्यवसाय मजबूत गति से बढ़ रहा है और वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी छमाही (H2) में यह गति और तेज होने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट रूप से भारत में अपनी सहायक कंपनी का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) लाने की किसी भी योजना से इनकार कर दिया है।

भारत में बिक्री वृद्धि और चुनौतियां

Pernod Ricard इंडिया ने FY26 की पहली छमाही (H1) में नेट सेल्स में 4% की वृद्धि दर्ज की है। यदि डिस्पोज्ड ब्रांड इंपीरियल ब्लू को अलग कर देखें, तो यह वृद्धि 8% तक पहुंच जाती है। यह उपलब्धि तब हासिल हुई जब महाराष्ट्र में एक्साइज टैक्स में भारी बढ़ोतरी के कारण पहली तिमाही (Q1) काफी प्रभावित हुई थी।

कंपनी के सीईओ अलेक्जेंडर रिकार्ड ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि यह गति दूसरी छमाही में भी जारी रहेगी।” उन्होंने प्रीमियमाइजेशन ट्रेंड को प्रमुख कारण बताया, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्पिरिट्स पोर्टफोलियो में मजबूत दोहरे अंकों (double-digit) की वृद्धि देखी जा रही है। ब्रांड्स जैसे जेमसन, बैलेंटाइंस और एब्सोल्यूट विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, लोकल फेवरेट ब्रांड्स रॉयल स्टैग और ब्लेंडर्स प्राइड में मध्यम एकल अंकों (mid-single-digit) की ग्रोथ रही है।

भारत में कंपनी ने हाल ही में प्रीमियम लोकल स्पिरिट्स की नई रेंज Xclamat!on लॉन्च की है, जो इनोवेशन के जरिए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

भारत: वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बाजार

भारत Pernod Ricard के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा बाजार है वॉल्यूम के मामले में। वैल्यू के लिहाज से यह दूसरे नंबर पर है (अमेरिका के बाद), और चीन को पीछे छोड़ चुका है। भारत कंपनी की कुल वैश्विक रेवेन्यू में 12-13% का योगदान देता है।

भारत में Pernod Ricard वैल्यू के हिसाब से देश की सबसे बड़ी अल्कोबेव कंपनी बनी हुई है। प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम स्पिरिट्स की बढ़ती मांग के कारण यह स्थिति मजबूत हो रही है। ब्रांड्स जैसे चिवास रेगल, ग्लेनलिवेट, जेमसन आदि युवा और मध्यम वर्ग के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।

वैश्विक प्रदर्शन और भारत की भूमिका

वैश्विक स्तर पर कंपनी की H1 FY26 सेल्स 5.9% ऑर्गेनिक रूप से घटी है (रिपोर्टेड -14.9%), मुख्य रूप से अमेरिका और चीन में कमजोरी के कारण। लेकिन भारत और ट्रैवल रिटेल जैसे बाजारों ने स्थिरता प्रदान की है।

कंपनी का मध्यम अवधि का लक्ष्य अगले तीन वर्षों (FY26-29) में औसतन 3-6% की ऑर्गेनिक ग्रोथ हासिल करना है। भारत की 6% से अधिक की ग्रोथ ट्रैजेक्टरी इस लक्ष्य को सपोर्ट कर रही है। सीएफओ हेलेन डी टिसोट ने कहा कि कंपनी डीलिवरेजिंग पर फोकस कर रही है और 2029 तक नेट डेट टू ईबीआईटीडीए रेशियो को 3x से नीचे लाना चाहती है। इस रणनीति में भारत का आईपीओ शामिल नहीं है।

IPO पर स्पष्ट इनकार

हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में Pernod Ricard इंडिया के IPO की अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन कंपनी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। सीएफओ ने कहा, “हमारी डीलिवरेजिंग रणनीति में भारत लिस्टिंग का कोई अनुमान नहीं है।” भारत कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बना रहेगा, और प्रीमियमाइजेशन इसी रणनीति का केंद्र है।

भविष्य की संभावनाएं

भारतीय अल्कोहल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में। बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, युवा आबादी और बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स से फायदा मिल रहा है। Pernod Ricard भारत में अपनी प्रीमियम पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है।

कुल मिलाकर, चुनौतियों के बावजूद भारत Pernod Ricard के लिए उज्ज्वल भविष्य वाला बाजार बना हुआ है, जहां ग्रोथ की गति मजबूत और स्थिर दिख रही है। निवेशक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स भारत की इस भूमिका को कंपनी के रिकवरी और ग्रोथ का प्रमुख आधार मान रहे हैं।

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