2026 में Jio IPO: 515 मिलियन यूजर्स के साथ ARPU ग्रोथ कैसे जारी रखेगा?

रिलायंस Jio भारतीय टेलीकॉम सेक्टर का सबसे बड़ा नाम है, जो लगातार ग्रोथ दिखा रहा है। हाल ही में आए आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का सब्सक्राइबर बेस दिसंबर 2025 (Q3 FY26) में 515.3 मिलियन से ज्यादा हो गया है। इसी दौरान कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) बढ़कर ₹213.7 पहुंच गया है, जो पिछले क्वार्टर के ₹211.4 से थोड़ा ऊपर है। सालाना आधार पर यह 5.1% की ग्रोथ दिखाता है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या Jio बिना टैरिफ हाइक के ARPU को लगातार बढ़ा सकता है, खासकर जब कंपनी का IPO 2026 में आने वाला है और वैल्यूएशन $150 बिलियन या उससे ज्यादा ($130-180 बिलियन के बीच अनुमान) पर चर्चा हो रही है?

Jio का ARPU कैसे बढ़ रहा है – बिना टैरिफ बढ़ाए

Jio ने पिछले कुछ समय में कई स्मार्ट तरीकों से ARPU बढ़ाया है:

  • 5G माइग्रेशन: दिसंबर 2025 तक Jio के 253 मिलियन से ज्यादा 5G यूजर्स हैं। 5G प्लान्स में ज्यादा डेटा मिलता है और ये 4G प्लान्स से महंगे होते हैं, जिससे यूजर्स हाई-वैल्यू प्लान्स पर शिफ्ट हो रहे हैं। 5G अब जीयो के वायरलेस ट्रैफिक का आधे से ज्यादा हिस्सा है।
  • Jio एयरफाइबर का तेज विस्तार: फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में Jio एयरफाइबर ने 11.5 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स क्रॉस कर लिए हैं। एक ही क्वार्टर में 2.5 मिलियन नए ऐड हुए। यह हाई-स्पीड इंटरनेट घरों तक पहुंचा रहा है और ARPU बढ़ाने में बड़ा रोल प्ले कर रहा है।
  • प्लान एडजस्टमेंट और प्रीमियमाइजेशन: सबसे सस्ते 1GB/दिन वाले प्लान हटाए गए हैं। अब ज्यादातर बेस प्लान ₹299 या उससे ऊपर के हैं। यूजर्स ज्यादा डेटा यूज कर रहे हैं (औसत 40.7 GB प्रति यूजर प्रति महीना) और हाई-एंगेजमेंट प्लान्स चुन रहे हैं।
  • ऑर्गेनिक ग्रोथ: Jio के स्ट्रैटेजी हेड अंशुमन ठाकुर ने कहा है कि ARPU बढ़ना पूरी तरह ऑर्गेनिक है – ज्यादा ऑफरिंग्स, कस्टमर मिक्स में बदलाव और प्लान चेंज से, बिना किसी टैरिफ इंक्रीज के।

इन सबके कारण ARPU हर क्वार्टर करीब 1% बढ़ रहा है। अगर यही रफ्तार रही तो 2026 के अंत तक यह ₹225 तक पहुंच सकता है।

चुनौतियां: बिना टैरिफ हाइक के ग्रोथ कितनी दूर तक?

भारत में मोबाइल डेटा यूज दुनिया में सबसे ज्यादा है, लेकिन ARPU सबसे कम में से एक ($2.4 प्रति महीना, ग्लोबल एवरेज $6-10)। यूजर्स को फ्री अनलिमिटेड 5G डेटा की आदत पड़ गई है, जिससे ज्यादा पैसे देने के लिए राजी करना मुश्किल है।

Jio का 515 मिलियन यूजर बेस बहुत बड़ा है (अमेरिका और कनाडा की आबादी से ज्यादा), लेकिन इसमें ज्यादातर बजट-सेंसिटिव कस्टमर्स हैं। टैरिफ बढ़ाने से मार्केट शेयर खोने का खतरा है, क्योंकि Jio अभी भी सबसे सस्ता ऑप्शन माना जाता है।

कंपटीशन में भारती एयरटेल का ARPU ₹259 है (Jio से 21% ज्यादा), क्योंकि एयरटेल प्रीमियम यूजर्स पर फोकस करता है। वोडाफोन आइडिया पीछे है। एनालिस्ट्स (मॉर्गन स्टेनली, मोतीलाल ओसवाल) का मानना है कि सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए 15-20% टैरिफ हाइक जरूरी हो सकता है, खासकर IPO के बाद। JM फाइनेंशियल के अनुसार, FY28 तक ARPU ₹270-300 पहुंचना चाहिए ताकि सेक्टर 12-15% ROCE कमा सके।

IPO का कनेक्शन और फ्यूचर आउटलुक

मुकेश अंबानी ने अगस्त 2025 AGM में कन्फर्म किया कि Jio प्लेटफॉर्म्स का IPO जून 2026 तक लिस्ट हो सकता है। कंपनी 2.5% स्टेक बेचकर $4-4.5 बिलियन जुटा सकती है। वैल्यूएशन $150 बिलियन के लिए इनवेस्टर्स को यकीन चाहिए कि ARPU जल्दी ₹250-300 तक पहुंचेगा।

Jio AI में भी बड़ा निवेश कर रहा है – 2026 से 7 साल में ₹10 लाख करोड़ ($110 बिलियन) AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर। इससे डिजिटल सर्विसेज और मजबूत होंगी।

निष्कर्ष में, Jio ने साबित किया है कि 5G, एयरफाइबर और प्लान ऑप्टिमाइजेशन से बिना टैरिफ हाइक के ARPU बढ़ाया जा सकता है। लेकिन ग्रोथ धीमी है। IPO के लिए तेज ग्रोथ चाहिए, इसलिए टैरिफ एडजस्टमेंट (शायद 2026 में) लगभग तय माना जा रहा है। भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में अब डुओपॉली जैसी सिचुएशन है, जहां प्राइस हाइक से रेवेन्यू बढ़ सकता है बिना ज्यादा यूजर्स खोए।

Jio का फ्यूचर ब्राइट है, लेकिन ARPU ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी पर नजर रखनी होगी। क्या आप मानते हैं कि टैरिफ हाइक जरूरी है? कमेंट में बताएं!

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