Upstox IPO: अपस्टॉक्स ने आईपीओ के लिए नहीं की जल्दबाजी, FY26 में प्रॉफिट को 2.3 गुना बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य

भारतीय स्टॉक ब्रोकिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी Upstox ने फिलहाल आईपीओ लाने की कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है। कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर रवि कुमार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि वे प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूत करने, प्रोडक्ट्स को डायवर्सिफाई करने और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन पर फोकस कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 (FY26) में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स को मौजूदा स्तर से 2.3 गुना बढ़ाकर लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

FY25 में कंपनी का प्रदर्शन

फाइनेंशियल ईयर 2025 (मार्च 2025 तक) में Upstox ने कुल इनकम 1,208 करोड़ रुपये दर्ज की, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 215 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल (FY24) के 177 करोड़ रुपये से 21.5% अधिक है। हालांकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा (945 करोड़ रुपये), लेकिन नॉन-ऑपरेटिंग इनकम में बढ़ोतरी ने प्रॉफिट को मजबूती दी। कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक 2.08 मिलियन एक्टिव क्लाइंट्स थे, और मार्केट शेयर करीब 4.64% था।

एक्टिव यूजर्स पर रेवेन्यू (ARPU) में 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि हाई-वैल्यू ट्रेडर्स की रिटेंशन रेट 90% से ऊपर बनी हुई है।

FY26 में ग्रोथ के प्रमुख ड्राइवर्स

Upstox का मानना है कि F&O पर STT बढ़ोतरी जैसे रेगुलेटरी बदलावों और मार्केट वोलेटिलिटी के बावजूद कंपनी मजबूत रहेगी। इसका मुख्य कारण रेवेन्यू स्ट्रीम्स का डायवर्सिफिकेशन है:

  • कमोडिटीज बिजनेस : रेवेन्यू में लगभग 400% की ग्रोथ, एवरेज डेली टर्नओवर में मार्केट शेयर दोगुना हुआ।
  • मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) : बुक साइज 2 गुना से ज्यादा बढ़ी, मार्केट शेयर में 30% की वृद्धि।
  • म्यूचुअल फंड्स : मंथली SIPs में चौथा सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म, SIP एसेट्स-अंडर-एडवाइजरी में मार्केट शेयर 12% तक बढ़ा।
  • इक्विटी ट्रेडिंग पर निर्भरता कम हो रही है, जिससे रेगुलेटरी रिस्क कम हो रहा है।

ईबीआईटीडीए भी 2 गुना से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी हाई-क्वालिटी, एक्टिव ट्रेडर्स पर फोकस कर रही है और प्रोडक्ट इनोवेशन से ऑपरेटिंग लिवरेज बढ़ा रही है।

आईपीओ पर कंपनी का स्टैंड

रवि कुमार ने कहा, “कोई फिक्स्ड टाइमलाइन नहीं है। कंपनी कैपिटल प्रेशर में नहीं है और प्राइवेट कंपनी के रूप में आराम से काम कर रही है।” पीयर कंपनियों के लिस्टिंग के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, लेकिन प्राथमिकता प्रॉफिटेबिलिटी, प्रोडक्ट एक्सपैंशन और लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर है।

Upstox की वैल्यूएशन पिछले राउंड में 3.5 बिलियन डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) के आसपास थी। कंपनी ने अब तक Tiger Global समेत कई निवेशकों से 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा फंडिंग जुटाई है।

भविष्य की रणनीति और मार्केट पोटेंशियल

Upstox खुद को सिर्फ ‘ट्रेडिंग ऐप’ से आगे बढ़ाकर एक पूर्ण फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म बनाना चाहती है। इसमें इंश्योरेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और अन्य प्रोडक्ट्स शामिल हैं। भारत में रिटेल इक्विटी पार्टिसिपेशन अभी भी सिंगल डिजिट में है (अमेरिका और चीन की तुलना में काफी कम), जो लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का बड़ा अवसर दर्शाता है।

कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्लोडाउन साइक्लिकल है, न कि मार्केट सैचुरेशन का नतीजा। डायवर्सिफिकेशन से कंपनी रेगुलेटरी चेंजेस और मार्केट स्ट्रक्चर में बदलाव से सुरक्षित रहेगी।

Upstox की यह रणनीति दिखाती है कि डिस्काउंट ब्रोकिंग सेक्टर में प्रॉफिटेबिलिटी और सस्टेनेबल ग्रोथ पर फोकस करने वाली कंपनियां लंबे समय में मजबूत रहेंगी। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी मजबूत फाउंडेशन पर आगे बढ़ रही है।

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