NSE IPO अब हकीकत के करीब पहुंच गया है। एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने हाल ही में बताया कि मार्केट रेगुलेटर सेबी से आधिकारिक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद ही ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने का काम शुरू होगा। यह अपडेट निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि सालों से लंबित यह आईपीओ अब तेजी से आगे बढ़ सकता है।
NSE IPO की लंबी प्रतीक्षा और चुनौतियां
एनएसई ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना DRHP दाखिल किया था, लेकिन गवर्नेंस मुद्दों, को-लोकेशन कंट्रोवर्सी और कुछ ट्रेडर्स को मिले कथित विशेष एक्सेस के कारण प्रक्रिया रुक गई। सेबी ने इन मामलों की जांच की, जिसमें हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग और एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग से जुड़े आरोप शामिल थे।
अक्टूबर 2024 में एनएसई ने ट्रेडिंग एक्सेस पॉइंट (TAP) आर्किटेक्चर और नेटवर्क कनेक्टिविटी केस को सेटल करने के लिए सेबी को 643 करोड़ रुपये का जुर्माना चुकाया। इसके बाद अगस्त 2024 में एनएसई ने दोबारा NOC के लिए आवेदन किया। अब सेबी चेयरमैन तूहीन कांता पांडेय ने कहा है कि रेगुलेटर NOC जारी करने के बहुत एडवांस स्टेज में है, और यह जनवरी 2026 के अंत तक मिल सकता है।
आशीष चौहान ने क्या कहा?
आशीष चौहान ने ANI को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया:
- “जब सेबी से NOC वास्तव में और कागज पर मिल जाएगी, तब हम DRHP पर काम शुरू करेंगे।”
- NOC मिलने के बाद DRHP और अन्य दस्तावेज तैयार करने में 3 से 4 महीने लग सकते हैं।
- कुल मिलाकर, सभी अप्रूवल्स के बाद आईपीओ प्रक्रिया पूरी होने में 8 से 9 महीने लग सकते हैं।
- साफ टाइमलाइन NOC मिलने के बाद ही बताई जा सकेगी।
एनएसई भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जहां पहले से ही 1.72 लाख से ज्यादा शेयरधारक हैं और कोई प्रमोटर नहीं है। यह 100% पब्लिकली होल्ड कंपनी है, जिससे आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारकों को एग्जिट का मौका मिलेगा।
आईपीओ के बाद क्या होगा?
NOC मिलते ही एनएसई ड्राफ्ट पेपर्स तैयार करेगा, जिसमें कंपनी की फाइनेंशियल डिटेल्स, बिजनेस प्लान, रिस्क फैक्टर्स और पब्लिक ऑफर की जानकारी होगी। सेबी की समीक्षा के बाद फाइनल अप्रूवल मिलेगा, और फिर आईपीओ लॉन्च हो सकता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर जनवरी 2026 में NOC मिल जाता है, तो लिस्टिंग 2026 के दूसरे हाफ में (जुलाई-सितंबर तक) हो सकती है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- एनएसई का आईपीओ भारतीय कैपिटल मार्केट के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज पब्लिक लिस्ट होगा।
- पिछले सालों में देरी से निवेशकों में निराशा थी, लेकिन अब गवर्नेंस सुधार और सेटलमेंट के बाद रास्ता साफ दिख रहा है।
- बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसई की मजबूत पोजीशन, टेक्नोलॉजी और मार्केट शेयर को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है।
एनएसई आईपीओ की यह खबर भारतीय शेयर बाजार के लिए नई उम्मीद जगाती है। जैसे ही सेबी NOC जारी करेगा, आगे की डिटेल्स सामने आएंगी। निवेशक इस अपडेट पर नजर रखें, क्योंकि यह एक मेगा इवेंट बन सकता है!
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FAQs
Q: NSE IPO कब आएगा?
A: सेबी से NOC जनवरी 2026 के अंत तक मिलने की उम्मीद है। NOC मिलने के बाद DRHP तैयार होने में 3-4 महीने और कुल लिस्टिंग में 8-9 महीने लग सकते हैं – यानी 2026 के दूसरे हाफ (जुलाई-सितंबर) तक लिस्टिंग संभव।
Q: NSE IPO के लिए NOC क्या है और क्यों जरूरी?
A: NOC (No Objection Certificate) सेबी से मिलने वाली मंजूरी है, जो पुराने रेगुलेटरी केस (को-लोकेशन, TAP आदि) सॉल्व होने के बाद IPO प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देती है। बिना NOC के DRHP फाइल नहीं हो सकता।
Q: NSE IPO में निवेश कैसे करेंगे?
A: यह OFS (Offer for Sale) होगा क्योंकि NSE में कोई प्रमोटर नहीं है – मौजूदा 1.72 लाख+ शेयरधारक बेचेंगे। लिस्टिंग के बाद NSE शेयर डेमेट अकाउंट से सामान्य स्टॉक की तरह खरीद-बेच सकेंगे। डिटेल्स DRHP आने पर पता चलेंगी।
वरुण सिंह IPOAlert.in के संस्थापक और मुख्य कंटेंट एडिटर हैं। वे IPO और शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी को research-based, factual और reader-friendly तरीके से प्रस्तुत करने पर फोकस करते हैं।IPOAlert.in का उद्देश्य निवेशकों को शैक्षणिक और सूचना आधारित कंटेंट उपलब्ध कराना है, जिससे वे बाजार को बेहतर तरीके से समझ सकें।